Birth & Death 2026: क्यों जरूरी, कब और कैसे बनवाएं?

Birth & Death Certificate 2026: क्यों जरूरी, कब और कैसे बनवाएं?

जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र क्यों, कब और कैसे बनवाएं? 2026

(Birth & Death Certificate की पूरी जानकारी)

भारत में जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र दोनों ही बेहद जरूरी सरकारी दस्तावेज़ होते हैं। ये दस्तावेज़ न केवल किसी व्यक्ति के जन्म या मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि करते हैं, बल्कि इनके बिना कई महत्वपूर्ण सरकारी और निजी काम भी पूरे नहीं हो पाते। उदाहरण के लिए, जन्म प्रमाण पत्र बच्चे का स्कूल में नामांकन, आधार कार्ड बनवाने या अन्य पहचान पत्र के लिए अनिवार्य होता है। इसी तरह, मृत्यु प्रमाण पत्र कई कानूनी कार्यों जैसे बीमा क्लेम, संपत्ति के दस्तावेज़ और पेंशन संबंधी मामलों में जरूरी होता है।

Birth & Death 2026: क्यों जरूरी, कब और कैसे बनवाएं?

इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र क्यों जरूरी है, इन्हें कौन बनाता है, कब बनवाना चाहिए और पूरी प्रक्रिया क्या होती है। साथ ही, हम यह भी जानेंगे कि इसे कैसे और कहाँ आवेदन करना होता है ताकि आपको इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की परेशानी न हो। इससे आप अपने परिवार के लिए इन महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों को आसानी से प्राप्त कर सकेंगे और सरकारी काम-काज में आसानी होगी।


    जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र क्या है? और कौन बनाता है?

    जन्म प्रमाण पत्र वह दस्तावेज़ है जो यह प्रमाणित करता है कि किसी बच्चे का जन्म कब, कहां और किस माता-पिता के यहाँ हुआ।
    मृत्यु प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति की मृत्यु की तारीख, स्थान और कारण का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है।

     ये प्रमाण पत्र निम्न संस्थाओं द्वारा बनाए जाते हैं:

    • ग्राम पंचायत (ग्रामीण क्षेत्र)
    • नगर पंचायत / नगर पालिका / नगर निगम (शहरी क्षेत्र)
     इन सभी संस्थाओं में यह कार्य सचिव/रजिस्ट्रार द्वारा ऑनलाइन ID-Password के माध्यम से किया जाता है। बिना अधिकृत ID-Password के किसी का भी जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र बनना संभव नहीं है।

    जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र क्यों जरूरी है?

    जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र के उपयोग:
    जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र दोनों ही बहुत महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज़ हैं। ये न केवल किसी व्यक्ति के जन्म या मृत्यु का कानूनी प्रमाण होते हैं, बल्कि भविष्य में कई सरकारी और निजी कार्यों के लिए अनिवार्य भी होते हैं।

    जन्म प्रमाण पत्र के उपयोग

    1. स्कूल में दाखिले के लिए
    2. आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट बनवाने में
    3. सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में
    4. उम्र प्रमाण (एज प्रूफ) के रूप में

    मृत्यु प्रमाण पत्र के उपयोग

    1. पेंशन के लिए
    2. बीमा क्लेम के लिए
    3. बैंक खाता बंद/ट्रांसफर के लिए
    4. संपत्ति नामांतरण के लिए और सरकारी रिकॉर्ड में मृत्यु दर्ज कराने के लिए ।

    फ्रेंड्स, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से बनता है, पर अभी भारत सरकार ऑफलाइन तरीके से बना वाला जन्म - मृत्यु प्रमाण पत्र को वैलिड (valid) नहीं मानता, इसीलिए अभी सब ऑनलाइन वाला जन्म - मृत्यु प्रमाण पत्र बनाते है। 

    ऑफलाइन वाला जन्म - मृत्यु प्रमाण पत्र से ऑनलाइन वाला जन्म प्रमाण पत्र कैसे बनाएं:-

    यदि आपके पास ग्राम पंचायत से बना वाला ऑफलाइन जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र हो तो क्या करें? यदि है तो  आपको ऑनलाइन वाला जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र बनना और भी आसान हो जाएगा। आपको सिर्फ ऑफलाइन जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर साथ में उसके पालक का आधार कार्ड / वोटर आईडी कार्ड,  अंक सूची (अंक सूचि सिफ जन्म प्रमाण पत्र में लगेगा, यदि हो तो) जैसे दस्तावेज को लेकर सचिव महोदय के पास जाना होगा, वहां सचिव महोदय आपके दस्तावेज का निरीक्षण करेंगे निरीक्षण करने के बाद वह आपको ऑनलाइन जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र जनरेट (Generate) करके दे देंगे यह सबसे इजी (Easy) और आसान प्रक्रिया है।

    ध्यान दे: यदि आपके पास ऑफलाइन वाला जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं हैं तो घबरायें नहीं, आप सीधा ऑनलाइन जन्म - मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में ध्यान दीजिये

    अब बात करें ऑनलाइन प्रमाण पत्र बनाने का तो इसके लिए तीन तरह के नियम को फॉलो करना पड़ता है जैसे :

    पहला नियम

    32 दिन के अंदर जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनता है?

    यदि जन्म या मृत्यु के 32 दिन के अंदर सूचना दे दी जाती है, तो प्रक्रिया बहुत आसान और तेज़ होती है।

    जन्म प्रमाण पत्र (32 दिन के अंदर)

    बच्चे के पालक (माता-पिता/अभिभावक) को अपने
    नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर सूचना देना पड़ता है, सूचना देने के बाद आंगनबाड़ी से मिला लिखित सूचना पत्र को ग्राम पंचायत में ले जा कर सचिव महोदय के पास प्रस्तुत करना रहता है,

     ध्यान रखे: आपको साथ में बच्चे का आधार कार्ड (यदि हो तो) साथ में बच्चे के माता / पिता का आधार कार्ड ले जाना अनिवार्य है, ताकि भविष्य में जन्म तिथि, आधार नंबर और नाम में स्पेलिंग को ले कर आपको भटकना ना पड़े।

     आपके डॉक्यूमेंट सबमिट करने के तुंरत बाद सचिव महोदय आधे घंटे के अन्दर आपको जन्म प्रमाण पत्र जनरेट (Generate) कर के दे देंगे, किसी - किसी केस (Case) में ये 3 से 4 दिन लग सकता है, ये आपके ग्राम के सचिव महोदय पर डिपेंड करता है।
     
    👉 इस स्थिति में ग्राम पंचायत में ही तुरंत जन्म प्रमाण पत्र बन जाता है।

    मृत्यु प्रमाण पत्र (32 दिन के अंदर)

    मृत्यु प्रमाण पत्र में भी वही प्रक्रिया लागू होती है
    सूचना आंगनबाड़ी/स्थानीय स्रोत से
    मृतक के परिजन का आधार कार्ड आवश्यक ।

    दूसरा नियम

    33 दिन से 1 साल के बीच जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनता है?

    यदि जन्म या मृत्यु की सूचना 32 दिन के बाद लेकिन 1 साल के अंदर दी जाती है, तो इसे विलंबित (Delayed Registration) माना जाता है।

    इस स्थिति में जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज़ है :- 


    • बच्चे का आधार कार्ड (यदि बना हो तो)।
    • बच्चे के पालक (माता-पिता) का आधार कार्ड।

    विलंबित पंजीयन फॉर्म: यह फॉर्म आपको आपके ग्राम पंचायत से मिल जाएगा। और यदि आप ये फिर डाउनलोड करना चाहते है तो यहां


    अनुपलब्धता प्रमाण पत्र: ये दो प्रकार का बनेगा एक ऑफलाइन वाला और दूसरा ऑनलाइन वाला जो सचिव महोदय बना के देंगे। (ऑफलाइन फॉर्म डाइनलोड करने के लिए यहां 

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    पंचनामा: यह भी एक प्रकार का सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म है, जहां आपको निजी जानकारी के साथ ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव वो कोटवार का हस्ताक्षर के साथ पांच ग्रामवासियों का हस्ताक्षर करना अनिवार्य है। फॉर्म डाउनलोड करने के लिए 

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    अब बात करें

    मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज़ :

    • मृतक के पति/पत्नी का आधार कार्ड
    • सूचना देने वाले व्यक्ति का आधार कार्ड
    • माता-पिता का आधार कार्ड (यदि उपलब्ध हो तो)
    विलंबित पंजीयन फॉर्म: यह फॉर्म आपको आपके ग्राम पंचायत से मिल जाएगा। और यदि आप ये फिर डाउनलोड करना चाहते है तो यहां 

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    अनुपलब्धता प्रमाण पत्र: ये दो प्रकार का बनेगा एक ऑफलाइन वाला और दूसरा ऑनलाइन वाला जो सचिव महोदय बना के देंगे। (ऑफलाइन फॉर्म डाइनलोड करने के लिए यहां

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    पंचनामा: यह भी एक प्रकार का सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म है, जहां आपको निजी जानकारी के साथ ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और कोटवार का हस्ताक्षर के साथ पांच ग्रामवासियों का हस्ताक्षर करना अनिवार्य है। फॉर्म डाउनलोड करने के लिए 

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    ⚠️ यह प्रक्रिया में समय लगता है, क्योंकि लेट होने के कारण सचिव महोदय के द्वारा ऑनलाइन आवेदन होने के बाद सीधे जिला कार्यालय या जनपद पंचायत में रीव्यू (Review) के लिए जाता है। इस प्रक्रिया में आपको ऑनलाइन होने के बाद सचिव महोदय द्वारा एक पर्ची मिलेगा, उस पर्ची से आपको हर 5-6 दिन में अपने जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र का स्थिति चेक करते रहना चाहिए, क्यूंकि कभी - कभी आपका आवेदन इनकंप्लीट डॉक्यूमेंट के कारण सुधार के लिए वापस भी आ सकता है। 

    तीसरा नियम

    1 साल से अधिक समय बाद जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनता है?

    अगर जन्म या मृत्यु को 1 साल से ज्यादा समय हो चुका है, तो प्रक्रिया थोड़ी लंबी होती है।

    आवश्यक प्रक्रिया:
    आपको अपने ग्राम पंचायत में जाकर सचिव महोदय से अनुपलब्धता प्रमाण पत्र बना लेना है। (याद रखे: आपको ऑनलाइन वाला अनुपलब्धता प्रमाण पत्र बनाना है, ऑफलाइन वाला वैलिड (Valid) नहीं होगा इस केस में)

    विलंबित प्रमाण पत्र / विलंबित पंजीयन फॉर्म: यह फॉर्म आपको आपके ग्राम पंचायत से मिल जाएगा। और यदि आप ये फिर डाउनलोड करना चाहते है तो यहां 

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    पंचनामा: यह भी एक प्रकार का सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म है, जहां आपको निजी जानकारी के साथ ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और कोटवार का हस्ताक्षर के साथ पांच ग्रामवासियों का हस्ताक्षर करना अनिवार्य है। फॉर्म डाउनलोड करने के लिए 

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    पालक/आवेदक द्वारा आधार का आधार कार्ड / वोटर id कार्ड / अंकसूची (जन्म प्रमाण पत्र के लिए हो तब)
     
    इन दस्तावेज़ों के साथ नोटरी से एफिडेविट (Affidevit) बनवा कर 
    पूरा केस तहसील कार्यालय में जमा करना पड़ता है। 

    👉 तहसील में जमा करने के बाद
    5–6 दिन में (कई मामलों में तुरंत)
    बाबू द्वारा आदेश पत्र बना कर व तहसीलदार महोदय से हस्ताक्षर करा के देता है। इस कार्य में कितना दिन लगेगा ये निर्भर आपके जिले के तहसील कार्यालय और वहां के ऑपरेटर पर निर्भर करता है। 

    तहसील से आदेश प्रमाण पत्र मिलने के बाद क्या करें?

    आदेश प्रमाण पत्र लेकर अपने ग्राम पंचायत में जा कर सचिव महोदय के पास जाएं, साथ में जन्म प्रमाण पत्र के लिए:

    • बच्चे का आधार कार्ड (यदि हो तो)
    • माता-पिता का आधार कार्ड या वोटर id कार्ड (अनिवार्य)
    • सुचनादाता का मोबाइल नंबर (Optional)
    मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए:
    • मृतक का आधार कार्ड / वोटर id कार्ड (अनिवार्य)
    • मृतक के पालकों/परिजनों का आधार कार्ड (अनिवार्य)
    • साथ में सूचनादाता का भी आधार नंबर व चालू मोबाइल नंबर देना अनिवार्य है।

    👉 जब आप आदेश पत्र के साथ जरूरी सभी दस्तावेज़ सचिव महोदय के समक्ष जमा करते हैं, तो सचिव जी आपकी जानकारी की जांच के बाद तुरंत जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर देते हैं। यह प्रक्रिया आमतौर पर बहुत तेज़ होती है और कई मामलों में आपको प्रमाण पत्र उसी दिन मिल सकता है। हालांकि, कुछ खास मामलों में इसे पूरा होने में 2 से 3 दिन का समय भी लग सकता है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी होता है।

    महत्वपूर्ण सावधानियां (बहुत जरूरी):


    जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप जन्म या मृत्यु की तारीख को बहुत ध्यान से भरें। क्योंकि नाम, पता, माता-पिता के नाम आदि में बाद में सुधार किया जा सकता है, लेकिन जन्म या मृत्यु की तारीख में कोई बदलाव आसान नहीं होता। इसलिए आवेदन भरने से पहले सभी जानकारी को अच्छी तरह जांच लें और सुनिश्चित करें कि तारीख सही हो। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी या विवाद से बचा जा सकता है। सही और स्पष्ट जानकारी देने से आपका प्रमाण पत्र बिलकुल सही और वैध बनेगा, जो आपके लिए लंबे समय तक उपयोगी रहेगा।

     FAQs

    1️⃣ जन्म प्रमाण पत्र क्या होता है?

    जन्म प्रमाण पत्र एक सरकारी दस्तावेज़ है, जो किसी बच्चे के जन्म की तारीख, स्थान और माता-पिता की जानकारी को कानूनी रूप से प्रमाणित करता है।

    2️⃣ जन्म प्रमाण पत्र क्यों ज़रूरी होता है?

    यह स्कूल एडमिशन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, सरकारी योजनाओं और उम्र प्रमाण (Age Proof) के लिए आवश्यक होता है।

    3️⃣ जन्म के कितने दिन के अंदर जन्म प्रमाण पत्र बनवाना चाहिए?

    जन्म के 30 दिनों के अंदर बनवाना सबसे आसान होता है और इस समय कम दस्तावेज़ लगते हैं।

    4️⃣ 30 दिन के अंदर आवेदन करने पर कौन-से दस्तावेज़ लगते हैं?

    माता-पिता का आधार कार्ड और बच्चे का नाम। इन्हीं के आधार पर प्रमाण पत्र बन जाता है।

    5️⃣ 30 दिन से ज़्यादा देरी होने पर क्या करना पड़ता है?

    विलंबित पंजीकरण फॉर्म, अनुपलब्ध प्रमाण पत्र, पंचनामा, पालक का आधार कार्ड लगता है। इसके बाद ग्राम सचिव प्रमाण पत्र जारी करता है।

    6️⃣ 1 साल बाद जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए क्या ज़रूरी है?

    तहसीलदार द्वारा जारी आदेश पत्र अनिवार्य होता है। आदेश पत्र के आधार पर ग्राम सचिव प्रमाण पत्र बनाता है।

    7️⃣ अगर पहले से ऑफलाइन जन्म प्रमाण पत्र हो तो क्या आदेश पत्र लगेगा?

    नहीं। अगर आंगनबाड़ी, अस्पताल या पंचायत द्वारा बना ऑफलाइन प्रमाण पत्र है, तो आदेश पत्र की आवश्यकता नहीं होती।

    8️⃣ जन्म प्रमाण पत्र कौन जारी करता है?

    नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत द्वारा जारी किया जाता है।

    9️⃣ क्या जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनाया जा सकता है?

    हाँ, अधिकांश राज्यों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से बनाया जा सकता है, लेकिन पोर्टल का ID और Password आवश्यक होता है।

    🔟 मृत्यु प्रमाण पत्र क्या होता है?

    मृत्यु प्रमाण पत्र एक कानूनी दस्तावेज़ है, जो किसी व्यक्ति की मृत्यु की तारीख और स्थान को सरकारी रूप से प्रमाणित करता है।

    1️⃣1️⃣ मृत्यु प्रमाण पत्र क्यों ज़रूरी होता है?

    यह बैंक, बीमा क्लेम, पेंशन, संपत्ति नामांतरण और अन्य कानूनी कार्यों के लिए आवश्यक होता है।

    1️⃣2️⃣ मृत्यु प्रमाण पत्र कितने दिन के अंदर बनवाना चाहिए?

    मृत्यु की तारीख से 30 दिनों के अंदर बनवाना चाहिए।

    1️⃣3️⃣ अगर पुराना ऑफलाइन मृत्यु प्रमाण पत्र मौजूद हो तो क्या करना होगा?

    पुराने प्रमाण पत्र के आधार पर ग्राम सचिव सीधे ऑनलाइन मृत्यु प्रमाण पत्र बना देता है।

    1️⃣4️⃣ अगर मृत्यु प्रमाण पत्र पहले नहीं बना हो तो क्या प्रक्रिया है?

    अनुपलब्ध प्रमाण पत्र, नोटरी से शपथ पत्र, परिजनों का आधार कार्ड और तहसीलदार का आदेश पत्र लगता है। इसके बाद प्रमाण पत्र जारी होता है।

    1️⃣5️⃣ क्या बिना ID और Password के प्रमाण पत्र बनाया जा सकता है?

    नहीं। ऑनलाइन जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए संबंधित नगर निकाय या ग्राम पंचायत का ID और Password अनिवार्य होता है।

    1️⃣6️⃣ जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र कहाँ से बनवाए जाते हैं?

    ये प्रमाण पत्र नगर निगम, नगर पालिका और ग्राम पंचायत के माध्यम से बनवाए जाते हैं।

    1️⃣7️⃣ क्या अस्पताल सीधे प्रमाण पत्र देता है?

    नहीं। अस्पताल केवल जन्म या मृत्यु की सूचना देता है। प्रमाण पत्र नगर निकाय या पंचायत द्वारा जारी किया जाता है।

    1️⃣8️⃣ क्या जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र भविष्य में काम आते हैं?

    हाँ। ये दोनों दस्तावेज़ जीवनभर और कानूनी मामलों में बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।

    निष्कर्ष

    जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र केवल कागज़ के टुकड़े नहीं हैं, बल्कि ये आपके जीवन में बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होते हैं, जिनकी जरूरत कई सरकारी और निजी कामों में पड़ती है। उदाहरण के लिए, जन्म प्रमाण पत्र बच्चे के स्कूल में दाखिले, पहचान पत्र बनवाने, और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी होता है। वहीं, मृत्यु प्रमाण पत्र बीमा क्लेम, संपत्ति के कागजात निपटाने, और पेंशन जैसी सुविधाओं के लिए अनिवार्य होता है। इसलिए, इन दस्तावेज़ों को समय पर बनवाना बहुत जरूरी है।

    अगर आप जन्म या मृत्यु की सूचना 32 दिनों के अंदर संबंधित अधिकारियों को देते हैं, तो प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया काफी आसान और तेज़ हो जाती है। इसके लिए आपको बस सही जगह पर सही दस्तावेज़ जमा करने होते हैं, जिससे आपका काम बिना किसी बाधा के पूरा हो जाता है। हालांकि, अगर किसी कारणवश देरी हो जाए, तो भी घबराने की जरूरत नहीं है। उचित दस्तावेज़ों के साथ आप बाद में भी जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। बस ध्यान रखें कि आवेदन करते समय सभी आवश्यक कागजात पूरे हों और सही प्रक्रिया का पालन किया जाए, ताकि आपको कोई परेशानी न हो। इस तरह, आप अपने और अपने परिवार के लिए इन महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों को सुरक्षित रख सकते हैं और भविष्य में किसी भी कानूनी या प्रशासनिक काम में आसानी से उनका उपयोग कर सकते हैं।


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